जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल और राष्ट्रपति फ्रैंक-वॉल्टर स्टीनमायर समेत कई राजनेताओं, पत्रकारों, सेलेब्रिटी का निजी डेटा ट्विटर पर लीक करने वाले हैकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जर्मनी पुलिस के मुताबिक, हैकर जर्मनी का ही रहने वाला है और उसकी उम्र सिर्फ 20 साल है। पुलिस ने बताया कि, आरोपी ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल किया है, साथ ही ये भी बताया कि इस डेटा लीक में वो अकेला था और ऐसा करने के लिए उसे किसी ने मजबूर नहीं किया।
नेताओं के बयान से था नाराज, इसलिए किया ऐसा
टेलीग्राफ ने पुलिस के बयान के हवाले से बताया है कि, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वो नेताओं और सेलेब्रिटी के बयानों से नाराज था और इसी वजह से उसने इन सभी लोगों का डेटा हैक कर उसे ट्विटर पर लीक कर दिया।
पुलिस ने बताया कि, गिरफ्तार हैकर ने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में कोई प्रोफेशनल कोर्स नहीं किया है, लेकिन फिर भी वो आईटी में स्किल्ड है। पुलिस के मुताबिक, डेटा लीक में गिरफ्तार किया गया युवक जर्मनी का ही है और वो अपने माता-पिता के साथ रहता है।
इसमें थर्ड पार्टी का हाथ नहीं: पुलिस
शुरुआती जांच में इस डेटा लीक के मामले में रूस के शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी, क्योंकि इससे पहले भी रूस पर जर्मनी में साइबर अटैक करने का आरोप लगा है।
रूस के अलावा जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पर भी इसका संदेह था, क्योंकि इस अटैक में दक्षिणपंथी पार्टी के किसी भी नेता को टारगेट नहीं किया गया था।
हालांकि, पुलिस ने अपने बयान में कहा कि शुरुआती पूछताछ में इस मामले में किसी भी थर्ड पार्टी के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, जर्मन सांसदों, पत्रकारों और सेलिब्रिटी का डेटा 1 दिसंबर से रोजाना ट्विटर अकाउंट @_Orbit पर लीक किया जा रहा था, लेकिन इस बारे में 3 जनवरी को पता चल सका। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर की शुरुआत में टीवी एंकर और फिर रैपर्स का डेटा लीक किया गया, लेकिन 20 दिसंबर के बाद से राजनेताओं का डेटा लीक होना शुरू हुआ।
द गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इस डेटा लीक में क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स (सीडीयू) और क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीएसयू) के 405, सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी (एसपीडी) के 294, ग्रीन पार्टी के 105, लेफ्ट पार्टी के 82 और फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी (एफडीपी) के 28 सांसदों की निजी जानकारी को ऑनलाइन लीक किया गया था।
जर्मनी मीडिया का कहना था कि, चांसलर एंजेला मार्केल के कुछ जरूरी दस्तावेज, उनका ईमेल एड्रेस और फैक्स नंबर तक ऑनलाइन लीक हुआ है, लेकिन सरकार ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कोई संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है।
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